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खदान सुरक्षा एवं बचाव

एन.सी.एल.सुरक्षा नीति

कोल इण्डिया लिमिटेड के उद्देश्य के अनुरूप एन.सी.एल. में सुरक्षा प्रबंधन को अत्याधिक महत्व दिया गया है :-

  • खान दुर्घटनाओं में उत्तरोतर कमी लाना।
  • खदान संबंधित कठिनाइयों में वास्तविक कमी लाना या समाप्त करने हेतु संचालन एवं पद्धति के लिए प्लान तथा डिजाइन तैयार करना।
  • तकनीक में यथोचित परिवर्तन कर कार्य दशा में सुधार लाना।
  • सुरक्षा योजना के सुचारू रूप से क्रियान्वयन हेतु सामग्री एवं आर्थिक संसाधन उपलब्ध कराना।
  • दुर्घटना बचाव कार्य के लिए पूर्ण रूप से ऑंतरिक सुरक्षा तंत्र का उपयोग।
  • खदानों में सुरक्षा प्रबन्धन के लिए संयुक्त विचार-विमर्श हेतु श्रमिक प्रतिनिधियों सहित उपयुक्त मंच (फोरम) स्थापित करना।
  • खदान स्तर पर कम्पनी के लिए खान सुरक्षा योजना एवं दीर्घकालीन खान सुरक्षा निर्मित करना।
  • वार्षिक मानसून प्रबंधन योजना बनाना एवं मानसून आने से पूर्व लागू करना।
  • सुरक्षा हेतु स्टेन्डिंग कमेटी के निर्णयों का क्रियान्वयन।
  • परियोजना के महाप्रबंधक/एजेन्ट एवं सुरक्षा कर्मियों के माध्यम से सुरक्षा नीति एवं योजना के क्रियान्वयन हेतु रूपरेखा (फ्रेम वर्क) निर्धारित करना।
  • कम्पनी एवं क्षेत्रीय स्तर पर सुरक्षा योजना के कियान्वयन की अनुवीक्षा (मीनिटरिंग) करना।
  • सभी स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों में सुरक्षा जागरूकता लाना एवं कार्य कलाप में दुर्घटना बचाव के प्रति सुरक्षा कार्य में भागीदारी विकसित करना।
  • नियमित प्रशिक्षण के माध्यम से कर्मचारियों में सुरक्षा कौशल (स्किल) को बढ़ाना।
  • खान एवं खान के बाहर कर्मचारियों के स्वास्थ्य एवं जीवन स्तर में सुधार लाना है।

Organisation Structure for Safety at NCL

1. Occurrence of fatal accidents in the last Five years

2. Cause wise Analysis of Fatal Accidents of Last Five Years

3. Occurrence of Serious Accidents in Last Five Years

4. Cause wise serious Accidents of Last Five Years

एनसीएल के खदानों में सुरक्षा स्तर को बढ़ाने हेतु आवश्यक कदम

S.No. Remedial measures taken up
1. सुरक्षा वार्ता करना
2. डम्पर चालकों को सिमुलेटर प्रशिक्षण प्रदान करना।
3. सभी मुख्य हॉल रोड में एकल रास्ते का प्रावधान
4. अलग रास्ते का प्रावधान जो सिर्फ हल्के वाहनों के उपयोग के लिए लाये जाते है।
5. वाहन के रास्ते में चमकीलें रोक की व्यवस्था जहॉं रास्ते बंटते हैं
6. हॉल रोड में एलईडी लाइट से प्रकाश व्यवस्था को बढ़ाना।
7. हॉल रोड में डस्ट नियंत्रण हेतु 28 केएल तथा 70 केएल के टैंकरों का इस्तेमाल। 8 नग 70 केएल के टैंकर खरीदे गये हैं जो निम्नाकित रूप से परियोजनाआें में दिये गये है।
  • अमलोरी - 1
  • दुधीचुआ - 1
  • बीना - 2
  • खड़िया - 2
  • निगाही - 2
  • 8. सी एच पी पिट पर धूल नियंत्रण
    9. चमकीली पट्टी का उपयोग।
    10. 202 ओवरमेन एवं माइनिंग सरदार की सीधी नियुक्ति के द्वारा फ्रंट लाइन पर्यवेक्षक टीम को मजबूत बनायी गयी है।
    11. फेस पर सुरक्षित रेस्ट सेल्टर की सुविधा।
    12. खदान की स्थिति के अनुसार ट्राफिक नियमों का सूत्रीकरण काम एवं लागू करना।
    13. रिस्क मेनेजमेंट आधारित एस.ओ.पी. का सूत्रीकरण।
    14. प्रोक्सिमिटी वॉरनिंग उपकरणों की खरीदी एवं डम्परों में उपयोग।
    15. रियर व्यू कैमरा उपकरणों की खरीदी एवं डम्परों में उपयोग।
    16. जी.एस.पी. आधारित वाहन निगरानी प्रणाली तंत्र का उपयोग।
    17. आपातकालीन अग्निदमन केन्द्र स्थापित किया गया है जो जयंत एवं बीना में है।
    18. डी.जी.एम.एस. परमिशन लेटर का परिपालन।
    19. डम्पर की बेंचिंग करना।
    20. डम्पस पर पेड़ों को अनुक्रम में लगाना।
    21. डम्पस की निगरानी हेतु SSR की खरीदी।
    22. Bench height/sitting level को कम कर 27 से 30 मीटर तक लाने की योजना।
    23. हर परियोजना में डम्पस की निगरानी एवं निरीक्षण हेतुq Dump Monitoring Cell की स्थापना।
    24. CMPDIL के दिशा निर्देशानुसार Mine Sump Capacity को डिजाइन करना।